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रूसी हमलों से दहला यूक्रेन, मिसाइल-ड्रोन अटैक में 7 की मौत

nidhi
29 Sept 2026 8:09 AM IST
रूसी हमलों से दहला यूक्रेन, मिसाइल-ड्रोन अटैक में 7 की मौत
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कीव और खार्कीव पर भीषण हमला
कीव: यूक्रेन के कई शहर एक बार फिर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से दहल उठे। राजधानी कीव और खार्कीव समेत कई इलाकों को निशाना बनाए जाने की खबर है। इन हमलों में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 67 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हमलों के बाद कई इलाकों में आग लगने, इमारतों को नुकसान पहुंचने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना सामने आई है।
रात के समय हुए हमलों के कारण लोगों में दहशत फैल गई। कई जगहों पर एयर रेड सायरन बजते रहे और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
कीव और खार्कीव पर हमला
राजधानी कीव में कई विस्फोटों की आवाज सुनाई देने की खबर है। वहीं खार्कीव में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कुछ इलाकों में आग लगने के बाद दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया। हमलों के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जारी है।
कई शहरों में मचा हड़कंप
रूसी हमलों का असर केवल कीव और खार्कीव तक सीमित नहीं रहा। यूक्रेन के अन्य शहरों में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे और आवासीय क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। हमलों के बाद कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं बाधित हुईं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
7 लोगों की मौत, 67 घायल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलों में 7 लोगों की जान चली गई, जबकि 67 लोग घायल हुए हैं। मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान जारी है। आपातकालीन सेवाएं मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
युद्ध के बीच बढ़ा तनाव
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन के कई शहर पहले भी इस तरह के हमलों का सामना कर चुके हैं। ताजा हमलों के बाद एक बार फिर नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं।
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